21/06/2026
एटा से कासगंज रेल परियोजना में 20 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित, क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
एटा/कासगंज। लंबे समय से प्रतीक्षित एटा–कासगंज रेल परियोजना अब जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। परियोजना के लिए दोनों जिलों के कुल 20 गांवों की लगभग 116 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। हाल ही में भूमि अधिग्रहण से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी आने के बाद क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही रेल लाइन निर्माण कार्य शुरू होगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 16 गांव एटा जिले और 4 गांव कासगंज जिले के प्रभावित होंगे। रेलवे लाइन बनने के बाद एटा और कासगंज के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे।
एटा जिले के इन गांवों की भूमि होगी अधिग्रहित
परियोजना के लिए एटा जिले के एटा देहात, नगला फरीद, हिम्मतनगर बजहेड़ा, श्योराई/न्योराई, अचलपुर, मोहम्मदपुर, गोबरा, रसूलपुर गधौली, नगला किसिया, रारपट्टी, बीरपुर, बुर्हानाबाद, नगला श्याम, बधौली और यादगारपुर समेत 16 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
इनमें श्योराई गांव सबसे अधिक प्रभावित होगा, जहां लगभग 16.630 हेक्टेयर भूमि रेलवे परियोजना के लिए ली जाएगी। इसके बाद अचलपुर में 14.032 हेक्टेयर और रसूलपुर गधौली में 11.173 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है।
कासगंज जिले के चार गांव भी होंगे प्रभावित
कासगंज जिले की तहसील क्षेत्र के चार गांव भी इस परियोजना का हिस्सा हैं। इनमें रसूलपुर गढ़ा प्रमुख गांव माना जा रहा है, जहां प्रस्तावित रेलवे स्टेशन बनने की संभावना है। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को रेल सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा।
तीन नए रेलवे स्टेशन बनेंगे
परियोजना के तहत तीन नए रेलवे स्टेशन प्रस्तावित हैं—
🚉 श्योराई/न्योराई स्टेशन (एटा)
🚉 अचलपुर स्टेशन (एटा)
🚉 रसूलपुर गढ़ा स्टेशन (कासगंज)
इन स्टेशनों के बनने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय और अन्य शहरों तक पहुंचने में काफी सुविधा मिलेगी।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
रेलवे लाइन बनने के बाद एटा और कासगंज के बीच यात्रा समय में कमी आएगी। किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी, वहीं छोटे व्यापारियों और उद्यमियों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला एक महत्वपूर्ण आधार बनेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भविष्य में औद्योगिक एवं व्यावसायिक निवेश की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
लोगों को निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में प्रगति होने के बाद अब स्थानीय लोगों की निगाहें निर्माण कार्य पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि परियोजना समय पर पूरी होगी और वर्षों पुरानी रेल संपर्क की मांग जल्द पूरी होगी।
एटा से कासगंज रेल परियोजना न केवल दो जिलों को जोड़ेगी, बल्कि विकास, व्यापार और सुविधाओं के नए रास्ते भी खोलेगी।