14/01/2026
फर्जी हॉलमार्किंग पर BIS का 'सर्जिकल स्ट्राइक': अब HUID के साथ ज्वैलरी की फोटो, वजन और ट्रैकिंग भी होगी अनिवार्य
देश भर में हॉलमार्किंग में सेंधमारी रोकने के लिए सरकार का सबसे बड़ा कदम; BIS केयर पोर्टल पर अब दिखेगा 'दूध का दूध, पानी का पानी'
(व्यापार ब्यूरो, नई दिल्ली/मुंबई)
नई दिल्ली: देश भर के सराफा बाजार में चल रहे फर्जी हॉलमार्किंग के 'खेल' को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए BIS ने पूरी प्रणाली को ही हाईटेक कर दिया है।
अब सिर्फ गहनों पर 6 अंकों का HUID कोड होना ही काफी नहीं होगा, बल्कि उस कोड के पीछे की पूरी सच्चाई भी डिजिटल रूप से दर्ज होगी।
BIS केयर पोर्टल पर क्या बदला? (What Changed):
अब तक BIS Care App या पोर्टल पर HUID नंबर डालने से केवल यह पता चलता था कि हॉलमार्किंग असली है या नहीं और वह किस सेंटर पर हुई है। लेकिन नई व्यवस्था के तहत:
ज्वैलरी की फोटो (Photo Evidence): अब HUID नंबर डालते ही पोर्टल पर उस विशिष्ट आभूषण की तस्वीर भी सामने आ जाएगी।
सटीक वजन (Exact Weight): फोटो के साथ-साथ उस जेवर का हॉलमार्किंग के समय दर्ज किया गया सटीक वजन (Weight) भी दिखेगा।
फायदा: इससे ग्राहक तुरंत मिलान कर सकेगा कि उसके हाथ में जो जेवर है, वही पोर्टल पर दिख रहा है या नहीं। इससे एक ही HUID का इस्तेमाल दूसरे गहनों पर करने का फर्जीवाड़ा पूरी तरह बंद हो जाएगा।
'HUID ट्रैकिंग' सिस्टम लागू (Track & Trace):
सिर्फ फोटो और वजन ही नहीं, BIS ने अब 'एंड-टू-एंड ट्रैकिंग' (End-to-End Tracking) व्यवस्था भी शुरू कर दी है।
यात्रा का रिकॉर्ड: अब यह ट्रैक किया जाएगा कि कोई HUID नंबर किस हॉलमार्किंग सेंटर (AHC) में जनरेट हुआ, वहां से वह किस निर्माता (Manufacturer) के पास गया, फिर किस रिटेलर की दुकान पर पहुंचा और अंततः किस ग्राहक को बेचा गया।
मकसद: इस ट्रैकिंग का मकसद HUID के दुरुपयोग को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि हॉलमार्किंग प्रक्रिया में कोई भी अनधिकृत छेड़छाड़ न हो सके।
व्यापार पर असर:
जानकारों का मानना है कि यह कदम सराफा व्यापार में पारदर्शिता का नया युग लाएगा। 'कच्चे बिल' और बिना हॉलमार्किंग के माल बेचने की प्रथा पर इससे करारी चोट लगेगी। ईमानदार व्यापारियों के लिए यह एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन जो लोग अब तक नियमों से बचते रहे हैं, उनके लिए आगे की राह बहुत मुश्किल होने वाली है।
संपादकीय: स्वच्छ व्यापार ही भविष्य है। BIS का यह कदम ग्राहकों का भरोसा बढ़ाएगा, जो अंततः पूरे स्वर्णकार समाज के हित में है। हमें इस डिजिटल बदलाव को अपनाना ही होगा।
बहुत ही सराहनीय